Monday, 18 June 2018

काम की खबर: देश में जल्द खुलेंगे 25 हजार नए पेट्रोल पंप, यह होगी प्रक्रिया

नई दिल्ली : देश की सरकारी तेल कंपनियां एक ही बार में 25 हजार नए पेट्रोल पंप खोलने की योजना पर काम कर रही हैं. ऑयल मिनिस्ट्री ने पेट्रोल पंप डीलर की नियुक्ति की सरकारी पॉलिसी को निरस्त कर दिया है. इससे इंडियन ऑयल, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम को इंडस्ट्री की मांग के अनुसार अपने नियम बनाने और पेट्रोल पंप खोलने की स्वतंत्रता मिलेगी. आपको बता दें कि 25 हजार पेट्रोल पंप देश में मौजूदा समय में चल रहे पेट्रोल पंप की आधी संख्या है.

कंपनियों ने तैयार की अपनी गाइडलाइन
मंत्रालय ने पिछले महीने तेल कंपनियों को पेट्रोल पंप डीलर्स की नियुक्ति के लिए अपनी गाइडलाइन तैयार करने के बारे में कहा था. कंपनियों ने सरकार से कहा था कि पेट्रोल और डीजल के कीमत निर्धारण पर सरकार का नियंत्रण हटने के बाद डीलर्स की नियुक्ति के लिए सरकारी गाइडलाइन की जरूरत नहीं है. कंपनियों ने भी नए डीलर का चयन करने के लिए अपने नियम और शर्तों को लगभग तैयार कर लिया है.

कारोबार में भी इजाफा होगा
नए पंप खुलने से इक्यूपमेंट सप्लायर, ट्रांसपोर्अर और टैंकर निर्माताओं के कारोबार में इजाफा होगा. पिछले दिनों में नायरा एनर्जी, रिलायंस-बीपी और शेल भी अपने खुदरा कारोबार को बढ़ा रही हैं. आपको बता दें कि सरकारी कंपनियां करीब चार साल बाद नए डीलर्स की नियुक्तियां करेंगी. कंपनियों की नई गाइडलाइंस में समाज के पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण के नियमों का पालन किया जाएगा, लेकिन पेट्रोलियम कंपनियों को डीलरों की नियुक्ति में छूट मिलेगी.

जमीन के मालिकाना हक को लेकर छूट
नई गाइडलाइंस के तहत आवेनदन करतने वाले के पास फंड की जरूरत को खत्म कर दिया गया है. साथ ही जमीन के मालिकाना हक को लेकर भी छूट दी गई है. इससे पहले के नियमों में आवेदन करने वाले के पास बैंक डिपाजिट में 25 लाख रुपये होने जरूरी होते थे. वहीं ग्रामीण इलाकों में पेट्रोल पंप खोलने के लिए 12 लाख रुपये होने जरूरी होते थे. नए नियमों के तहत जमीन का मालिकाना हक नहीं रखने वाले भी जमीन लीज पर लेकर आवेदन कर सकते हैं.

पेट्रोल पंप डीलर को चुनने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न की जाएगी. आवेदन करने वालों में से डीलर का चुनाव ऑनलाइन ड्रॉ के जरिये होगा. नई पॉलिसी के तहत इसके बाद उसके परिचय पत्र की पुष्टि की जाएगी और उससे 10 प्रतिशत सिक्युरिटी राशि जमा कराई जाएगी. पहले सभी आवेदकों के लिस वेरीफेकशन प्रोसेस जरूरी होता था और केवल एलिजेबल कैंडिडेट को ड्रॉ में शामिल किया जाता था. इस बार पूरा सलेक्शन प्रोसेस ऑनलाइन पूरा किया जाएगा.

Source:-ZEENEWS

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