नई दिल्ली/मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश में साल 2013 में मुजफ्फरनगर जिले में हुए सांप्रदायिक दंगों के मामले में न्यायालय में पेश नहीं होने पर बीजेपी सांसद संजीव बालियान, साध्वी प्राची और बीजेपी विधायक उमेश मलिक समेत पांच लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है. अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंकुर शर्मा ने गैरजमानती वारंट जारी कर आरोपियों से 22 जून को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है. आपको बता दें कि साल 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगों की आग शामली, बागपत, सहारनपुर तक फैली थी.
इस मामले में बिजनौर सांसद भारतेंदु सिंह, उत्तर प्रदेश के मंत्री सुरेश राणा और विधायक संगीत सोम भी आरोपी हैं. ये सभी लोग भी सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश नहीं हुए थे, लेकिन अदालत ने सुनवाई में निजी उपस्थिति से छूट देने के लिए उनके अनुरोध को स्वीकार किया. अभियोजन ने कहा कि वे भी अदालत में पेश नहीं हुए थे. लेकिन अदालत ने सुनवाई में निजी उपस्थिति से छूट के उनके अनुरोध को स्वीकार किया. अभियोजन के अनुसार, आरोपियों पर निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने, लोक सेवकों की ड्यूटी में बाधा डालने और दोषपूर्ण तरीके से रोकने के आरोप हैं.
आरोपियों पर ये आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर अगस्त 2013 के आखिरी हफ्तें में हुई उस 'महापंचायत' में भाग लिया, जिसमें भड़काऊ भाषण दिए गए और इसके बाद हिंसा भड़की थी. अगस्त और सितंबर 2013 में मुजफ्फरनगर और आस-पास के क्षेत्रों में सांप्रदायिक हिंसा में 60 से अधिक लोगों की जानें गईं थी जबकि, 40 हजार लोगों को पलायन करना पड़ा था.
Source:-ZEENEWS
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इस मामले में बिजनौर सांसद भारतेंदु सिंह, उत्तर प्रदेश के मंत्री सुरेश राणा और विधायक संगीत सोम भी आरोपी हैं. ये सभी लोग भी सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश नहीं हुए थे, लेकिन अदालत ने सुनवाई में निजी उपस्थिति से छूट देने के लिए उनके अनुरोध को स्वीकार किया. अभियोजन ने कहा कि वे भी अदालत में पेश नहीं हुए थे. लेकिन अदालत ने सुनवाई में निजी उपस्थिति से छूट के उनके अनुरोध को स्वीकार किया. अभियोजन के अनुसार, आरोपियों पर निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने, लोक सेवकों की ड्यूटी में बाधा डालने और दोषपूर्ण तरीके से रोकने के आरोप हैं.
आरोपियों पर ये आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर अगस्त 2013 के आखिरी हफ्तें में हुई उस 'महापंचायत' में भाग लिया, जिसमें भड़काऊ भाषण दिए गए और इसके बाद हिंसा भड़की थी. अगस्त और सितंबर 2013 में मुजफ्फरनगर और आस-पास के क्षेत्रों में सांप्रदायिक हिंसा में 60 से अधिक लोगों की जानें गईं थी जबकि, 40 हजार लोगों को पलायन करना पड़ा था.
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