Wednesday, 13 June 2018

'देवभूमि' में आज से नहीं चलेंगी जीप-टैक्सियां, यात्रियों को होगी भारी परेशानी

नई दिल्ली/देहरादून: उत्तराखंड में टैक्सी, मैक्सी और कमांडर संचालकों की हड़ताल का असर दिखने लगा है. गाड़ियां के नहीं चलने से स्थानीय लोगों के अलावा चारधाम यात्रियों की भी परेशानी बढ़ने लगी है. जानकारी के मुताबिक, पूरे राज्य में करीब 25 से 30 हजार गाड़ियों के पहिए जाम हैं. आपको बता दें कि टैक्सी मैक्सी संचालक गाड़ियों में स्पीड गवर्नर लगाए जाने के फैसले का विरोध कर रहे हैं. हड़ताल पर गए टैक्सी संचालकों ने साफ किया है कि परिवहन विभाग की मनमानी किसी कीमत पर नहीं चलने दी जाएगी. टीजीएमओयू, जीएमओयू ने भी हड़ताल का समर्थन किया है.

क्यों हो रहा है विरोध
जिस स्पीड गवर्नर को लगाने के विरोध में टैक्सी-मैक्सी संचालक हड़ताल कर रहे हैं. वो, दरअसल एक डिवाइस है. एक ऐसी डिवाईस जो गाड़ियों की रफ्तार फिक्स कर देती है. गाड़ियों की स्पीड कंट्रोल करने के लिए इंजन में स्पीड गर्वरन डिवाइस लगाई जाती है. पहले स्पीड गवर्नर में गाड़ी की रफ्तार 60 किमी जबकि दूसरे स्पीड गवर्नर में स्पीड 80 किमी प्रति घंटा तक सीमित हो जाती है. यानि, अगर गाड़ी में स्पीड गवर्नर लगा है तो, किसी भी हाल में गाड़ी 80 किमी. प्रतिघंटा की रफ्तार से ज्यादा तेज नहीं चलाई जा सकती है. उत्तराखंड में परिवहन विभाग ने सभी गाड़ियों में स्पीड गवर्नर लगाना जरूरी कर दिया है. इसीलिए निजी टैक्सी. मैक्सी और कंमाडर चालक इसका विरोध कर रहे हैं और चक्का जाम कर दिया है.

पुराने वाहनों में होगी परेशानी
परिवहन महासंघ की बैठक में वाहन चालकों ने कहा कि सरकार ने वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाना अनिवार्य कर दिया है. लेकिन, पुराने वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाना संभव नहीं है. स्पीड गवर्नर नहीं लगे होने की वजह से वाहनों को फिटनेस नहीं दी जा रही है. टैक्सी यूनियन का कहना है कि तेल की बढ़ी हुई कीमत, इंश्योरेंस और फिटनेस दर बढ़ाई जाने से टैक्सी मालिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है. प्रशासन उनकी बातें सुनने को तैयार नहीं है. मजबूर होकर टैक्सी यूनियन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है.

यात्रियों को होगी भारी परेशानी
टैक्सी यूनियन का कहना है कि इस हड़ताल की वजह से स्थानीय लोगों को और उत्तराखंड घूमने आए यात्रियों को भारी परेशानी होगी. लेकिन, इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी. हमने मजबूरी में हड़ताल पर जाने का फैसला किया है. बता दें चार धाम यात्रा संचालित करा रही टीजीएमओ और अन्य कंपनियां भी इस हड़ताल में शामिल हो रही हैं

Source:-ZEENEWS

View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing 

No comments:

Post a Comment

Note: only a member of this blog may post a comment.