वॉशिंगटन: अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा से बिना किसी भेदभाव के आतंकवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए गुरुवार (7 जून) को कहा. उनके प्रवक्ता ने बताया कि पोम्पिओ ने फोन पर बाजवा से बात की. विदेश विभाग की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने कहा, ‘‘उन्होंने अमेरिका-पाकिस्तान द्विपक्षीय रिश्तों को आगे बढ़ाने के तरीकों, अफगानिस्तान में राजनीतिक सुलह की जरुरत और बिना किसी भेदभाव के दक्षिण एशिया में सभी आतंकवादियों और आतंकवादी समूहों को निशाना बनाने की महत्ता पर चर्चा की.’’
विदेश विभाग की प्रवक्ता हीथर नॉर्ट ने कहा कि पोम्पियो द्वारा किए गए फोन कॉल में जिन विषयों पर चर्चा हुई, उनमें दक्षिण एशिया में रणनीति और बिना किसी भेदभाव के सभी आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों को निशाना बनाए जाने की जरूरत जैसे विषय शामिल रहे. जियो न्यूज के मुताबिक, जब दोनों देशों ने संबंधित दूतावासों में काम कर रहे एक-दूसरे के राजनयिकों पर यात्रा प्रतिबंध लगाए थे, तो मई के बाद से यह पहली बार है कि अमेरिकी और पाकिस्तानी अधिकारियों को बीच उच्च स्तरीय वार्ता हुई है.
पिछले कुछ समय से दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव चल रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यह आरोप लगाने के बाद कि पाकिस्तान आतंकवादी संगठनों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया करा रहा है, ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता राशि रोक दी थी. अमेरिका ने पाकिस्तान से हक्कानी नेटवर्क और आतंकवादी संगठन तालिबान के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की थी. हालांकि, पाकिस्तान ने इन सभी आरोपों को नकार दिया था और कहा कि वह आतंकवाद के खिलाफ युद्ध जारी रखेगा.
Source:-ZEENEWS
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विदेश विभाग की प्रवक्ता हीथर नॉर्ट ने कहा कि पोम्पियो द्वारा किए गए फोन कॉल में जिन विषयों पर चर्चा हुई, उनमें दक्षिण एशिया में रणनीति और बिना किसी भेदभाव के सभी आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों को निशाना बनाए जाने की जरूरत जैसे विषय शामिल रहे. जियो न्यूज के मुताबिक, जब दोनों देशों ने संबंधित दूतावासों में काम कर रहे एक-दूसरे के राजनयिकों पर यात्रा प्रतिबंध लगाए थे, तो मई के बाद से यह पहली बार है कि अमेरिकी और पाकिस्तानी अधिकारियों को बीच उच्च स्तरीय वार्ता हुई है.
पिछले कुछ समय से दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव चल रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यह आरोप लगाने के बाद कि पाकिस्तान आतंकवादी संगठनों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया करा रहा है, ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता राशि रोक दी थी. अमेरिका ने पाकिस्तान से हक्कानी नेटवर्क और आतंकवादी संगठन तालिबान के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की थी. हालांकि, पाकिस्तान ने इन सभी आरोपों को नकार दिया था और कहा कि वह आतंकवाद के खिलाफ युद्ध जारी रखेगा.
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