पीएम नरेंद्र मोदी मोतिहारी में चंपारण सत्याग्रह के शताब्दी समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए. उन्होंने अपने भाषण में कहा कि बिहार देश को रास्ता दिखा रहा, नीतीश का काम सराहनीय है. साथ ही पीएम मोदी बोले कि पिछले एक हफ्ते में बिहार में 8 लाख 50 हजार से ज्यादा शौचालयों का निर्माण किया गया है. पीएम मोदी की यही बात लोगों को हजम नहीं हुई और सोशल मीडिया पर सवालों का दौर शुरू हो गया.
वहीं, विपक्ष भी इस मामले में पीछे नहीं रहा. कांग्रेस के नेता संजय निरुपम ने इस मामले पर ट्वीट किया. संजय के अनुसार इतनी संख्या में शौचालयों का निर्माण का दावा सच नहीं हो सकता और पीएम मोदी अपने कार्यकाल का अंत नजदीक आता देख झूठे दावे कर रहे हैं.
आपको बता दें कि बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक बिहार सरकार के लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के सीईओ बालामुरुगण डी ने बताया है कि बिहार में 13 मार्च से लेकर 9 अप्रैल के बीच इन शौचालयों का निर्माण किया गया है. इस हिसाब से 8 लाख पचास हजार शौचालय एक हफ्ते में नहीं बल्कि 1 महीने में तैयार किए गए हैं. उनके मुताबिक बीते करीब डेढ़ बर्षों के दौरान की गई तैयारियों से ऐसा संभव हुआ. जिनमें राज-मिस्त्रियों की ट्रेनिंग से लेकर व्यापक जागरूकता अभियान शामिल है.
साथ ही कई लोगों ने गुणा भाग कर भी मोदी के दावे को झूठा करार देने की कोशिश की. यूजर्स ने यह बात काफी वायरल की कि 1 हफ्ते = 7 दिन, 1 दिन= 24 घंटे, 7 दिन= 168 घंटे, 1 घंटे= 60 मिनट ऐसे में 5059 टॉयलेट हर घंटे बनाए गए या 84.31 टॉयलेट प्रति मिनट के दर से बने.
अनुसार बिहार में अभी भी तकरीबन 43 फीसदी घरों में ही शौचालय उपलब्ध है. लगभग 1.09 करोड़ घरों में शौचालय नहीं है. वहीं पीएम के दावे के अनुसार यानी लगभग 4 प्रतिशत घरों के लिए टॉयलेट का निर्माण किया गया. यानी अगर इसी स्पीड में बिहार में टॉयलेट का निर्माण हुआ तो आने वाले 12 हफ्तों में पूरे बिहार में एक भी घर ऐसा नहीं होगा जहां टॉयलेट न हो.
Source:-Aajtak
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वहीं, विपक्ष भी इस मामले में पीछे नहीं रहा. कांग्रेस के नेता संजय निरुपम ने इस मामले पर ट्वीट किया. संजय के अनुसार इतनी संख्या में शौचालयों का निर्माण का दावा सच नहीं हो सकता और पीएम मोदी अपने कार्यकाल का अंत नजदीक आता देख झूठे दावे कर रहे हैं.
आपको बता दें कि बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक बिहार सरकार के लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के सीईओ बालामुरुगण डी ने बताया है कि बिहार में 13 मार्च से लेकर 9 अप्रैल के बीच इन शौचालयों का निर्माण किया गया है. इस हिसाब से 8 लाख पचास हजार शौचालय एक हफ्ते में नहीं बल्कि 1 महीने में तैयार किए गए हैं. उनके मुताबिक बीते करीब डेढ़ बर्षों के दौरान की गई तैयारियों से ऐसा संभव हुआ. जिनमें राज-मिस्त्रियों की ट्रेनिंग से लेकर व्यापक जागरूकता अभियान शामिल है.
साथ ही कई लोगों ने गुणा भाग कर भी मोदी के दावे को झूठा करार देने की कोशिश की. यूजर्स ने यह बात काफी वायरल की कि 1 हफ्ते = 7 दिन, 1 दिन= 24 घंटे, 7 दिन= 168 घंटे, 1 घंटे= 60 मिनट ऐसे में 5059 टॉयलेट हर घंटे बनाए गए या 84.31 टॉयलेट प्रति मिनट के दर से बने.
अनुसार बिहार में अभी भी तकरीबन 43 फीसदी घरों में ही शौचालय उपलब्ध है. लगभग 1.09 करोड़ घरों में शौचालय नहीं है. वहीं पीएम के दावे के अनुसार यानी लगभग 4 प्रतिशत घरों के लिए टॉयलेट का निर्माण किया गया. यानी अगर इसी स्पीड में बिहार में टॉयलेट का निर्माण हुआ तो आने वाले 12 हफ्तों में पूरे बिहार में एक भी घर ऐसा नहीं होगा जहां टॉयलेट न हो.
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